राज्य सरकार

राज्यपाल

💦 राज्य की कार्यपालिका का प्रधान राज्यपाल होता है। 
💦 राज्यपाल की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा 5 वर्षों के लिए की जाती है , किन्तु वह राष्ट्रपति के प्रसादपर्यन्त पद धारण कर सकता है।
💦 राज्यपाल मुख्यमंत्री की नियुक्ति करता है तथा उसके परामर्श से अन्य मंत्रियों की नियुक्ति करता है। 
💦 राज्यपाल राज्य के महाधिवक्ता तथा राज्य लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष तथा सदस्यों की नितुक्ति करता है। 
💦 राज्यपाल के पास विधानसभा को भंग करने शक्ति होती है। 
  • हर्ष का राजकवि बाणभट्ट था। 
  • हाइड्रोजन बम का अबिष्कार एडवर्ड टेलर ने किया। 
  • 'विश्व स्वास्थ्य दिवस 7 अप्रैल को मनाया जाता है। 
  • दक्षिण अमेरिका में चरागाह को पम्पास कहा जाता है। 
💦 यदि राज्य के विधानमंडल का अधिवेशन नहीं चल रहा हो , तो राज्यपाल अध्यादेश जारी कर सकता है। 
💦 यदि राज्य का प्रशासन संबिधान के उपबंधों के अनुसार नहीं चल रहा हो तो , वह राष्ट्रपति को राज्य में संबैधानिक तंत्र की विफलता के सम्बन्ध में सूचना देता है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर अनुच्छेद 356 के अंतर्गत राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू होता है। 

मुख्यमंत्री

💦 मुख्यमंत्री की नियुक्ति राज्यपाल द्वारा की जाती है। सामान्यतः विधानसभा में बहुमत प्राप्त दल के नेता को मुख्यमंत्री नियुक्त किया जाता है। 
💦 मुख्यमंत्री विधानसभा का नेता होता है।
💦 वह मंत्रीपरिषद का निर्माण , बिभिन्न मंत्रियों में विभागों का बँटवारा तथा उनके विभागों में परिवर्तन करता है।

विधानपरिषद

💦 राज्य के विधानमंडल के उच्च सदन को विधानपरिषद कहा जाता है। 
💦 वर्तमान समय में विधानपरिषद भारतीय संघ के केवल 7 राज्यों - उत्तरप्रदेश , बिहार , महाराष्ट्र , कर्नाटक , जम्मू कश्मीर , आंध्रप्रदेश तथा तेलंगाना में है। 
💦 विधानपरिषद एक स्थाई सदन है। 
💦 विधानपरिषद के सदस्यों का कार्यकाल 6 वर्ष का होता है , प्रत्येक 2 वर्ष पर एक - तिहाई सदस्य अबकास ग्रहण करते हैं और उनके स्थान पर नए सदस्यों का निर्वाचन होता है। 
💦 संबिधान में यह ब्यबस्था की गई है कि प्रत्येक राज्य की विधानपरिषद में सदस्यों की संख्या के एक - तिहाई से अधिक नहीं होगी , किन्तु साथ ही यह संख्या 40 से कम नहीं हो सकती। 

विधानसभा

💦 विधानसभा राज्य विधान मंडल का निम्न सदन है। 
💦 विधानसभा सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से राज्य के मतदाताओं द्वारा होता है। 
💦 राज्य के विधानसभा सदस्यों की अधिकतम संख्या 500 और न्यूनतम संख्या 60 होती है। 
💦 साधारण अबस्था में राज्य विधानसभा का कार्यकाल उसकी पहली बैठक से 5 वर्ष का  होता है , किन्तु राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री के परामर्श पर इसे समय से पूर्व भी भंग किया जा सकता है। 

पंचायती राज

💦 ब्रिटिश शासन के दौरान 1882 ई. में तत्कालीन बायसराय लार्ड रिपिन ने स्थानीय प्रशासन की स्थापना का प्रयास किया था। 
💦 संबिधान के अनुच्छेद 40 में राज्यों को पंचायतों के गठन का निर्देश दिया गया है। 
💦 1958 ई. में राष्ट्रीय विकाश परिषद् ने बलबंत राय मेहता समिति की लोकतान्त्रिक विकेन्द्रीकरण की संस्तुतियों को स्वीकार करते हुए इसे क्रियान्वित करने के लिए कहा। 
💦 2 अक्टूबर 1959 ई. को पंडित जबाहरलाल नेहरू ने राजस्थान के नागौर में लोकतान्त्रिक विकेन्द्रीकरण की योजना को प्रारम्भ किया , इसे पंचायती राज कहा गया। 
💦 राजस्थान प्रथम राज्य है जहाँ सर्वप्रथम सम्पूर्ण राज्य में पंचायती राज की स्थापना की गई। 
💦 73 वां संबिधान संसोधन पंचायती राज के लिए तथा 74 वां संबिधान संसोधन नगर निकायों को संबैधानिक दर्जा प्रदान करने के लिए किया गया। 

भाषाई आधार राज्यों का पुनर्गठन कब किया गया - 1953 ई. में 

भाषाई आधार पर गठित भारत का पहला राज्य था - आंध्रप्रदेश 

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